प्रकाश क्या है? (What is Light?)
Prakash Kya Hai प्रकाश आज हम बात करेंगे प्रकाश के ऊपर प्रकाश या एक ऐसी साधन है जिसके बिना हम रात में कुछ भी देख नहीं सकते तो आज हम बात करते हैं प्रकाश के ऊपर चलिए प्रकाश से हम सभी परिचित है प्रकाश की सहायता से हम वस्तुओं को देख सकते हैं अंधेरे कमरे में हम अपनी आंखों को खुली रखने पर हमें कुछ दिखलाई नहीं देता है और स्पष्ट है की वस्तु को देखने के लिए आंखों के अतिरिक्त कुछ और भी आवश्यक है जिसे हम प्रकाश के नाम से जानते हैं प्रकाश को हम देख नहीं सकते लेकिन इसका इसको हम महसूस कर सकते हैं अनुभव कर सकते हैं
Prakash Kya Hai प्रकाश की परिभाषा (Definition of Light)–
”प्रकाश वह भौतिक साधन अथवा कारण है जिसके द्वारा हम वस्तुओं को देख सकते हैं।”अर्थात
“प्रकाश एक प्रकार का ऊर्जा है जो हमारे दृष्टि को जानने की जागृत करता है।”
प्रकाशीय ऊर्जा को अन्य ऊर्जा में बदला जा सकता है, तथा कई अन्य ऊर्जाओं से इसे प्राप्त किया जा सकता है। जैसे— जब लोहे की हथौड़ी से लोहे के टुकड़े के ऊपर चोट मारते हैं तो निर्गत निकलता है। यहाँ यांत्रिक ऊर्जा का रूपान्तरण होता है प्रकाश-ऊर्जा और ऊष्मीय ऊर्जा के रूप में होता है। प्रकाश निर्वात में भी चल सकता है। निर्वात में प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ मीटर सेकण्ड⁻¹ होती है।
प्रदीप्त और अप्रदीप्त वस्तुएँ Luminous and Non-Luminous Bodies
प्रदीप्त वस्तुएँ
जो वस्तुएँ प्रकाश का उत्सर्जन करती हैं, उन्हें प्रदीप्त वस्तुएँ कहते हैं।
जैसे— सूर्य, लालटेन, मोमबत्ती और विद्युत बल्ब आदि।
अप्रदीप्त वस्तुएँ
जो वस्तुएँ स्वयं प्रकाश का उत्सर्जन नहीं करती, बल्कि प्रदीप्त वस्तुओं के कारण होने पर दिखाई देती हैं, उन्हें अप्रदीप्त वस्तुएँ कहते हैं।
जैसे— चन्द्रमा, पृथ्वी, मेज, कुर्सी आदि।
प्रकाशीय माध्यम Optical Medium
प्रकाश जिस पदार्थ से होकर गुजरता है, उसे प्रकाशीय माध्यम कहते हैं।
माध्यम से होकर जाने वाली किरणों के व्यवहार के आधार पर इन्हें तीन भागों में बाँटा गया है— जिसे आप इमेज के मध्ययम से समझ सकते है।
- पारदर्शक
- पारभासी
- अपारदर्शक

प्रकाश की किरण Ray of Light
किसी समांग माध्यम में प्रकाश एक बिन्दु से दूसरे बिन्दु तक जिस सरल रेखीय मार्ग से होकर गुजरता है, उसे प्रकाश की किरण कहते हैं। एक ही दिशा में जाने वाली प्रकाश की किरणों के समूह को प्रकाश पुंज (Beam of Light) कहते हैं। Learn More with Wikipedia
प्रकाश पुंज तीन प्रकार के होते हैं—

प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)
जब प्रकाश किसी एक समान (समांग) माध्यम से चलकर दूसरे माध्यम के पृष्ठ या तल से टकराता है और टकराने के बाद उसका कुछ या संपूर्ण भाग वापस पहले माध्यम में लौट आता है, तो इस घटना को प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
प्रकाश जिस तल से टकराकर परावर्तित होता है, उसे परावर्तक तल (दर्पण M1 M2) कहते हैं।

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