UP Panchayat Election 2026 : यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों पर बड़ा एलान, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताई संभावित तिथिउत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीख को का ऐलान भले ही नहीं हुआ है लेकिन योगी सरकार के पंचायती राज मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है ओमप्रकाश राजभर ने बयान के बाद प्रदेश में राजनीति हलचल बढ़ गई है।
यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही राज्य में पंचायत चुनाव होंगे ओमप्रकाश राजभर ने आगे कहा कि ऐसा यार प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव होंगे ऐसी चर्चा है कि पंचायत चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 में कराए जाएंगे। जब चुनाव का ऐलान होगा तभी तारीखों की घोषणा भी की जाएगी।
साल 2026 में प्रस्तावित है पंचायत चुनाव
UP Panchayat Election 2026 : यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों पर बड़ा एलान, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताई संभावित तिथि बता दें कि उत्तर प्रदेश में साल 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित है हालांकि जानकारों का कहना है कि चुनाव के बारे में भी देरी हो सकती है ज्ञात हो कि साल 2021 कि में मई संपन्न हुए पंचायत चुनाव भी कोविड-19 से देरी से हुए थे अब दावा है की इस वर्ष अप्रैल में में प्रस्तावित चुनाव पर देरी से हो सकता है फिलहाल इन तमाम खबरों के बीच जनता की निगाहें पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान पर टिकी है।
मंत्री जी के बयान से पंचायत चुनाव में सरगर्मी तेज
UP Panchayat Election 2026 : मंत्री ओपी राजभर की बयान से पंचायत चुनाव में को लेकर गांव-गलियों में सरगर्मी तेज हो गई है प्रधान बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) और जिला पंचायत सदस्य की चुनाव लड़ने वालों उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी झोंक दि है। पोस्टर पर्ची और भावी उम्मीदवार वाले होर्डिंग लगे शुरू हो गए हैं स्थित यह है कि वोटरों को लुभाने के लिए कहीं कंबल बांटे जा रहे हैं तो कहीं दावतों का दौर शुरू हो गया है पिछले 5 सालों से सुस्त पड़े नेता पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं।
पंचायत चुनाव में देरी हिने की बड़ी वजह
UP Panchayat Election 2026 : आइये जानते है किन-किन कारणों से पंचायत चुनाव में देरी होने की संभावना है।
1. जनगणना और हाउस लिस्टिंग सर्वे
UP Panchayat Election 2026 : चुनाव टलने की सबसे बड़ी वजह जनगणना को माना जा रहा है साल 2026 में जनगणना के पहले चरण के तहत मई और जून के महीने में हाउस लिस्टिंग सर्वे यानी मकान की सूची बनाना प्रस्तावित है इस काम के लिए उत्तर प्रदेश में लगभग 5 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी सर्वे से पहले इन कर्मचारियों की लंबी ट्रेनिंग होनी है जानकारी का कहना है कि जब प्रशासन का पूरा अमला जनगणना जैसे बड़े कामों में लगा होगा तब पंचायत चुनाव करना लगभग नामुमकिन है।
2. ओबीसी आरक्षण का पेंच
UP Panchayat Election 2026 : चुनाव में देरी के दूसरे सबसे बड़ी तकनीकी वजह अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण का फार्मूला है सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आरक्षण तय करने के लिए एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन होना अनिवार्य है फिलहाल इस आयोग के गठन के प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है अगर आज भी आयोग का गठन होता है तो उसे सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने में काम से कम तीन-चार महीने का समय लगेगा इस हिसाब से आरक्षण की अंतिम सूची जून 2026 से पहले आना मुश्किल है बिना आरक्षण सूची के चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।
3. मौसम और अन्य चुनाव का दबाव
UP Panchayat Election 2026 : अगर चुनाव अप्रैल मई में नहीं हो पाते हैं तो जून में मानसून शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बारिश के दौरान चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती होती है इसलिए चुनाव आयोग अक्सर इस मौसम में मतदान से बचता है।
4. 2027 विधानसभा चुनाव की आहट
UP Panchayat Election 2026 : सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2027 की शुरुआत में जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा इसी दौरान यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी भी शुरू हो जाएगी राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना और जनगणना का काम एक साथ होने के कारण पंचायत चुनाव को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
5. उम्मीदवारों की स्थिति
UP Panchayat Election 2026 : इस अनिश्चितता का सबसे बड़ा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ रहा है जो पिछले कई महीनो से अपने क्षेत्र में पैसा और समय खर्च कर रहे हैं चुनाव की तारीख साफ न होने के कारण दावेदार खोलकर प्रचार नहीं कर पा रहे हैं उन्हें डरे कि अगर चुनाव ज्यादा दिन टल गए तो उनकी अब तक की मेहनत बेकार जा सकती है आमतौर पर पंचायत चुनाव से पहले पार्टीयां बहुत सक्रिय हो जाती है लेकिन इस बार बड़े दलों की तैयारी भी काफी धीमी नजर आ रही है।
UP Panchayat Election 2026 : फिलहाल राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन जमीनी हकीकत यही ईसारा कर रही है कि पंचायत चुनाव अब 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद या फिर किसी विशेष परिस्थिति में ही करायें जा सकते है। जनगणना और आरक्षण की उलझनों ने फिलहाल गांव की सरकार के गठन पर ब्रेक लगा दिया है।
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