पूजा की शुरुआत

सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। पूजा स्थान को साफ करके दीपक जलाकर माँ दुर्गा का ध्यान करें।

कलश स्थापना 

नवरात्रि पूजा में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश में जल भरकर उसके ऊपर नारियल और आम के पत्ते रखें।

माँ को क्या चढ़ाएं? 

माँ दुर्गा को लाल फूल और लाल चुनरी अर्पित करें। फल, मिठाई, अक्षत और धूप-दीप से विधि-विधान से पूजा करें।

कौन सा मंत्र बोलें?

पूजा के दौरान माँ दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। “ॐ दुं दुर्गायै नमः” का श्रद्धा से जाप किया जा सकता है।

दुर्गा सप्तशती 

नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ शुभ माना जाता है। समय हो तो श्रद्धा के साथ पाठ या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

कन्या पूजन 

अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन की परंपरा है। कन्याओं को भोजन कराकर श्रद्धा से दक्षिणा और उपहार दें।

क्या न करें? 

नवरात्रि में पूजा के साथ सात्विकता और स्वच्छता रखें। घर में स्वच्छता रखें और अपनी परंपरा के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करें।

आरती जरूर करें 

पूजा के अंत में माँ दुर्गा की आरती करें। परिवार के साथ श्रद्धा से जयकारा लगाकर प्रसाद ग्रहण करें।

अंतिम संदेश 

श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा का अपना विशेष महत्व है। माँ दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। 🙏